Q/A, Class-10, CH-09, genetics and evolution.

 Question's Answer 

Class-10, 

Chapter-09 

Genetics and evolution


P.N- 175

Q.1. यदि एक ' लक्षण A'  अलैंगिक प्रजनन वाली समष्टि के 10% सदस्यों में पाया जाता है । तथा ' लक्षण B ' उसी समष्टि में 60% जीवों में पाया जाता है। तो कौन सा लक्षण पहले उत्पन्न हुआ होगा?

Ans:- लक्षण 'B ' पहले उत्पन्न होगा क्योंकि इसका प्रतिशत ज्यादा है। लक्षण ' A'केवल 10% जीवो में है। अलैंगिक प्रजनन में डीएनए प्रतिकृति के समय विभिन्ताएं होती है।


Q.02. विभिन्नताएं उत्पन्न होने से किसी स्पीशीज का अस्तित्व किस प्रकार बढ़ जाता है?

Ans:- पीढ़ी दर पीढ़ी जीवो के अनुसार स्वयं को बदलना पड़ता है। वह वातावरण के अनुसार अनुकूलित होने पर ही जीवित रह सकते हैं। अतः विभिन्नताओं के उत्पन्न होने से किसी जाति का अस्तित्व बदल जाता है। तथा यहां लैंगिक जनन में उत्पन्न होती है।


P.N-179

Q.01. मेंडल के प्रयोग द्वारा कैसे पता चला कि लक्षण प्रभावी अथवा प्रभावी होते हैं?

Ans:- मेंडल ने बौने व  लंबे मटर के पौधों का संकरण किया प्रथम पीढ़ी (F 1) में प्राप्त पौधे लंबे आकार के थे। इस प्रकार बौनापन प्रथम पीढ़ी में नहीं दिखा। इसके पश्चात उसने प्रथम पीढ़ी के पौधों के बीच स्वपरागण कराया। अब उत्पन्न द्वितीय पीढ़ी (F 2) के सभी पौधे लंबे नहीं थे। इसका निष्कर्ष निकला कि लंबे होने का लक्षण प्रभावी व बौनापन का लक्षण अप्रभावी है।


Q.02. मेंडल के प्रयोगों से कैसे पता चला कि विभिन्न लक्षण स्वतंत्र रूप वंशानुगत होते हैं होते हैं?

Ans :-  मेंडल के गोल बीज वाले लंबे पौधों का झुर्रिदार बीज वाले बोने पौधों से संकरण कराया तो प्रथम पीढ़ी की संतति में सभी पौधे प्रभावी लक्षणों के थे। परंतु द्वितीय पीढ़ी की संतति में कुछ पौधे गोल बीज वाले, कुछ झुर्रिदार बीज वाले बोने पौधे थे। अतः ये लक्षण स्वतंत्र रूप से वंशानुगत होते हैं।


Q.03. एक 'A' रुधिर वर्ग वाला पुरुष और ' B' रुधिर वर्ग वाली स्त्री से विवाह करता है। उनकी पुत्री का रुधिर वर्ग 'O' है। क्या यह सूचना पर्याप्त है यदि आप से कहा जाए कि कौन सा विकल्प लक्षण रुधिर वर्ग  'A' अथवा 'O' प्रभावी लक्षण है? अपने उत्तर का स्पष्टीकरण दीजिए?

Ans:-  यह सूचना पर्याप्त नहीं है। कुछ लक्षण जीनोम में निहित होते हैं। परंतु जानकारी के अनुसार हम कह सकते हैं। कि रुधिर वर्ग 'O' प्रभावी है। कुछ लक्षण जीन में छुपे होते हैं। केवल प्रभावी लक्षण दिखाई देते हैं।


Q.04. मानव में बच्चे का लिंग निर्धारण कैसे होता है।

Ans:- बच्चे के लिंग को लिंग गुणसूत्र निर्धारित करता है। मानव में 23 जोड़े गुणसूत्र होते हैं जिसमें 22 जोड़े दैहिक गुणसूत्र जबकि 1 जोड़ा लिंग गुणसूत्र का होता है। स्त्रियों में लिंग गुणसूत्र XX जबकि पुरुषों में लिंग गुणसूत्र XY होते हैं। सभी बच्चे मां से X गुणसूत्र पाते हैं परंतु पिता से वह X या Y में से किसी एक को पाते हैं। इस प्रकार पिता का गुणसूत्र यह निश्चित करता है कि शिशु नर होगा या मादा।




P.N-183

Q.01. वे कौन से विभिन्न तरीके हैं जिनके द्वारा एक विशेष लक्षण वाले व्यष्टि जीवों की संख्या समष्टि में बढ़ सकती है।

Ans:- विशिष्ट लक्षण वाले व्यष्टि जीवों की संख्या निम्न तरीकों से समष्टि में बढ़ सकती है।

1. समष्टि की वृद्धि लैंगिक प्रजनन पर आधारित है। विभिन्नताएं ही जाति को सुरक्षित रखती है। छोटे जीव, बड़े जीवों से सुरक्षित रखने के लिए रंग विभेद कर सकते हैं।

2. छोटी समष्टि अधिक शिकार बनती है। अतः आकार परिवर्तन के कारण भी एक व्यष्टि बच सकती है।


Q.02. एक एकल जी द्वारा उपार्जित लक्षण सामान्यता अगली पीढ़ी में वंशानुगत नहीं होते क्यों?

Ans :- एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक प्रभावी लक्षण डीएनए द्वारा स्थानांतरित होते हैं। उपार्जित लक्षण डीएनए में नहीं आते अतः अगली पीढ़ी में वंशानुगत नहीं होते।


Q.03.   बाघों की संख्या में कमी अनुवांशिकता के दृष्टिकोण से चिंता का विषय क्यों है?

Ans :- पर्यावरण के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपने अंदर बदलाव उत्पन्न करता है तभी वह जीवित रह पाता है। बाघ पर्यावरण के अनुकूल परिवर्तन नहीं कर रहे। पर्यावरण में मनुष्य के द्वारा आए दिन परिवर्तन हो रहे हैं। जिससे बाघों की संख्या दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है । जो की चिंता का विषय हे।


P.N-184

Q.  वे कौन से कारक हैं जो नई जाति के उद्भव में सहायक हैं?

Ans:- वे कारक जो नई जाति के जन्म में सहायक होती हैं निम्न है।

1. शारीरिक लक्षणों में परिवर्तन।

2. गुणसूत्रों की संख्या में परिवर्तन।

3. विभिन्नताएं जिसमें जनन की क्षमता ना हो।

4. अनुवांशिक विचलन 

5. प्राकृतिक वरण


Q.02.  क्या भौगोलिक पृथक्करण स्वपरागित जाति के पौधे के जाति उद्भव का प्रमुख कारण हो सकता है क्यों या क्यों नहीं?

Ans :- भौतिक लक्षण भौगोलिक पृथक्करण द्वारा प्रभावित होते हैं। और इनमें विभिन्नता जाति उद्भव का एक अन्य कारण हो सकता है परंतु मुख्य कारण DNA प्रतिकृति के दौरान उनमें परिवर्तन आना होता है। स्वपरागित जाति में नई पीढ़ी में नए बदलाव या विभिन्नताएं उत्पन्न होने की उम्मीद बहुत कम होती है।


Q.03. क्या भौगोलिक पृथक्करण अलैंगिक जनन वाले जीवो के जाति उद्भव का प्रमुख कारक हो सकता है? क्यों अथवा क्यों नहीं?

Ans :- अलैंगिक जनन में उत्पन्न जीव लगभग एक दूसरे के समान होते हैं तथा उनमें थोड़ा बहुत अंतर होता है। इस क्रिया में कितने विभिन्नताएं DNA प्रतिकृति के दौरान ही होती हैं तथा यह विभिन्नताएं बहुत कम होती हैं। भौगोलिक पृथक्करण इनमें जाति उद्भव का प्रमुख कारक हो सकता है क्योंकि इसके कारण ही नए वातावरण में जीवित रहने वाले नए जीवन करते हैं।


P.N-189

Q.01. उन अभिलक्षणों का एक उदाहरण दीजिए जिनका उपयोग हम दो जातियों के विकासीय संबंध निर्धारित करने के लिए करते हैं?

Ans :- दो जातियों के विकासीय संबंध निर्धारण के उदाहरण पक्षियों, सरीसृप व जल स्थलचर की तरह ही स्तनधारियों के भी चार पैर होते हैं। चाहे इनकी आधारभूत संरचना एक पर भिन्न कार्य संपन्न करने के लिए इसमें रूपांतरण हुआ हो। इस प्रकार समजात लक्षणों से ही हम इन संबंधों को समझ सकते हैं।


Q.02.    क्या एक तितली और चमगादड़ के पंखों को समझा तंग कहा जा सकता है? क्यों अथवा क्यों नहीं?

Ans :-  नहीं, वह समजात नहीं समरूप अंग कहलाते हैं। तितली और चमगादड़ के पंखों की संरचना अलग-अलग होती है वह उत्पत्ति में भी एक समान नहीं होते।

तितली के पंख में हड्डियां नहीं होती जबकि चमगादड़ के पंख में हड्डियां होती है।


Q.03.  जीवाश्म क्या है? वे जैव विकास प्रक्रम के विषय में क्या दर्शाते हैं?

Ans : मृत जीवो के अवशेष, चट्टानों पर चिन्ह या उनमें सांचे वा शरीर की छाप जो हजारों साल पूर्व जीवित थे। इस तरह के सुरक्षित अवशेष जीवाश्म कहलाते हैं। यह जीवाश्म हमें जैव विकास प्रक्रम के बारे में कई बातें बताते हैं जैसे कौन से जीवाश्म नवीन हैं तथा कौन से पुरान, कौन सी जाति विलुप्त हो गई है। यह जीवाश्म विकास के विभिन्न रूपों तथा वर्गो का वर्णन करते हुए उनके गुणों को भी ज्ञात कर सकते हैं।


P.N-191

Q.01.  क्या कारण है कि आकृति, आकार,  रंग रूप में इतने  भिन्न दिखाई पड़ने वाले मानव एक ही जाति के सदस्य हैं?

Ans :- उत्खनन, समय निर्धारण,  जीवाश्म अध्ययन के साथ DNA अनुक्रम के निर्धारण से मानव के विभिन्न चरणों का ज्ञान होता है। जिससे यह पता चलता है कि सभी मानव एक ही जाति के सदस्य हैं। मानव के पूर्वजों का उद्भव अफ्रीका से हुआ। अफ्रीका से पूर्वज विभिन्न क्षेत्रों में फैल गए तथा कुछ वही पर रह गए।


Q.02.  विकास के आधार पर क्या आप बता सकते हैं कि जीवाणु, मकड़ी, मछली तथा चिंपैंजी में किसका शारीरिक अभिकल्प उत्तम है? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।

Ans:- मानव एवं चिंपैंजी दोनों के ही पूर्वज एक समान थे। चिंपैंजी मानव के ही समान अपने क्रियाकलाप संपन्न कर सकता है। परंतु अत्यधिक जटिलता के कारण विकास की दृष्टि से शारीरिक अभिकल्प में त्रुटियां भी है, पर फिर भी जीवाणु, मकड़ी व मछली से उत्तम है।


अभ्यास प्रश्न

Q. 01. मेंडल के एक प्रयोग में लंबे मटर के पौधे जिनके बैंगनी पुष्प थे, का संकरण बोने पौधे जिनके सफेद पुष्प थे, से कराया गया। इनकी संतति के सभी पौधे में पुष्प बैंगनी रंग के थे। परंतु उनमें से लगभग आधे बोने थे। इससे कहा जा सकता है कि लंबे जनक पौधे की अनुवांशिक रचना निम्न थी।

Ans :- [c] TtWW


Q.02. समजात अंग का उदाहरण है।

Ans:- (d) उपरोक्त सभी ।


Q.03. विकास की दृष्टि से हमारी किस से अधिक समानता है।

Ans :- चीन के विद्यार्थी।

Q.04. एक अध्ययन से पता चला कि हल्के रंग की आंखों वाले बच्चों के जनक माता-पिता की आंखें भी हल्के रंग की होती है। इसके आधार पर क्या हम कह सकते हैं कि आंखों के हल्के रंग का लक्षण प्रभावी है अथवा प्रभावी ?अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।

Ans:-  आंखों के हल्के रंग का लक्षण प्रभावी है क्योंकि माता-पिता की आंखें भी हल्के रंग की है अतः हम प्रभावी लक्षण हल्के रंग कहेंगे। 


Q.05. जैव विकास तथा वर्गीकरण का अध्ययन क्षेत्र किस प्रकार परस्पर संबंधित है।

Ans :- मानव के पूर्वज एक ही थे। धीरे-धीरे जीवों का विकास हुआ तथा इसी विकास के कारण जीव सरलता से जटिलता की ओर अग्रसर हुए तथा विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत हुए। इस प्रकार जय विकास के वर्गीकरण की सीढ़ी है।

Q.06. समजात तथा समरूप अंगों को उदाहरण देकर समझाइए।

Ans:- 

समजात अंग :- वे अंग जिनकी  संरचना एक समान परंतु कार्य भिन्न-भिन्न होते हैं समजात अंग कहलाते हैं। जैसे:- पक्षी, जल स्थल चर आदि के चार पैर होते हैं परंतु सभी कार्य भिन्न-भिन्न होते हैं।

समरूप या समवृति अंग:- ऐसे अंग  जिनकी संरचना एक समान नहीं होती परंतु कार्य एक समान होते हैं समरूप अंग कहलाते हैं। जैसे:- चमगादड़ व पंछी के पंख। दोनों की सरंचना अलग अलग होती है लेकिन दोनों उड़ने का कार्य करते हैं।


Q. 07. कुत्ते की खाल का प्रभावी रंग ज्ञात करने के उद्देश्य से एक प्रोजेक्ट बनाइए।

Ans :-  इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए हमें एक काले रंग का कुत्ता व एक सफेद रंग की कुत्तिया लेनी होगी यदि दोनों के मध्य संकरण करने के पश्चात सभी संताने काले रंग की उत्पन्न होती है तो हम कह सकते हैं कि काला रंग प्रभावी है तथा सफेद रंग का अप्रभावी है।


Q.08. विकासीय संबंध स्थापित करने में सक्षम जीवाश्म का क्या महत्व है।

Ans :- जीवाश्म जीवों के अवशेष हैं जो अब विलुप्त हो चुके हैं। जब हम उन जीवो के जीवाश्म की संरचना की तुलना वर्तमान जीवो से करते हैं। तो हमें पता चलता है कि किस प्रकार जीवो का विकास हुआ तथा जीवाश्म विकास क्रम प्रणाली की भी व्याख्या करते हैं।


Q.09. किन प्रमाणों के आधार पर हम कह सकते हैं कि जीवन की उत्पत्ति अजैविक पदार्थों से हुई?

Ans :-


Q.10. अलैंगिक जनन की अपेक्षा लैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न विभिन्नताएं अधिक स्थाई होती है, व्याख्या कीजिए । यह लैंगिक प्रजनन करने वाले जीवो के विकास को किस प्रकार प्रभावित करता है।

Ans:- अलैंगिक जनन में विभिन्नता  बहुत कम होती हैं क्योंकि इनमें डीएनए प्रतिकृति लगभग समान होती है अतः संतान में भी अत्यधिक समानता पाई जाती है इस प्रक्रिया में डीएनए की विभिन्नताएं स्थाई होती है जो कि जाति के अस्तित्व के लिए भी लाभप्रद है।


Q.11. संतति में नर एवं मादा जनन द्वारा अनुवांशिक योगदान में बराबर की भागीदारी किस प्रकार सुनिश्चित की जाती है।

Ans :-  शिशु के लिंग निर्धारण के समय नर का एक गुणसूत्र एवं माता का एक गुणसूत्र मिलते हैं। इसलिए जनन द्वारा अनुवांशिक योगदान में नर एवं माता की भागीदारी बराबर होती है।


Q.12. केवल वे विभिन्नताएं जो किसी एकल जीव के लिए उपयोगी होती हैं, समष्टि में अपना अस्तित्व बनाए रखती हैं। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? क्यों एवं क्यों नहीं?

Ans :- हां, यह सत्य है। प्रकृति जीवो का चयन करती है। वह जीव जो विभिन्नता प्रदर्शित करते हैं तथा स्वयं को पर्यावरण के अनुकूल बना लेते हैं जीवित रह पाते हैं। इसके विपरीत जो विभिन्नता प्रदर्शित नहीं करते विलुप्त हो जाते हैं।

जैसे- पर्यावरण  की प्रतिकूलता से बाघों की संख्या में कमी आना।










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