अध्याय 2, कक्षा -10, विषय-विज्ञान अम्ल क्षार एवं लवण

                अध्याय 2 

    अम्ल क्षार एवं लवण

(Acid base and salt)

गंधीय सूचक > कुछ ऐसे पदार्थ होते हैं जिनकी गंध अम्लीय या क्षारीय माध्यम में बदल जाती है गंधीय सूचक कहलाते हैं।

    रंग में परिवर्तन द्वारा यह सूचक हमें बताते हैं कि कोई पदार्थ अम्लीय है या क्षारीय है।

सामान्य प्रकार के 3 सूचक निम्न है।

1- मेथिल ऑरेंज (Methyl orange)

2- लिटमस(Litmus)

3- फिनोफ्थलिन (Phenopthalin)

विलयन का नमूना    अम्ल में     क्षार में

लिटमस (बैंगनी रंग)     लाल        नीला

मेथिल ऑरेंज (नारंगी)  लाल        पीला

फिनोफ्थलिन (रंगहीन) रंगहीन   गुलाबी

** Litmus is also called natural indicator or universal indicator(लिटमस को प्राकृतिक सूचक या सार्वत्रिक सूचक भी कहा जाता है)

** Litmus is obtained from lichen which is thallophyta group plant(लिटमस लाइकेन से प्राप्त होता है जो कि थैलोफाइटा समूह का पौधा है)

** Lichen work as air pollution indicator(लाइकेन वायु प्रदूषण के सूचक के रूप में कार्य करता है)



अम्ल (Acid) > Chemical substance, which is sour in test and convert litmus paper colour to red colour is called acid (वे रासायनिक पदार्थ, जिनका स्वाद खट्टा होता है एवं  लिटमस पेपर के रंग को लाल रंग में परिवर्तित कर देते हैं। अम्ल  कहलाते हैं)

Example > raw mango, lemon, orange (कच्चे आम, नींबू, इमली,संतरा आदि)

अम्ल सामान्यता निम्न प्रकार के होते हैं।

1- कार्बनिक अम्ल 

2- खनिज अम्ल 

1- कार्बनिक अम्ल (Organic acid) > Acid present in plants and animals, is called organic acid. it is natural acid and also called weak acid (पादप पदार्थों और प्राणियों में उपस्थित अम्ल कार्बनिक अम्ल कहलाते हैं यह प्राकृतिक अम्ल होते हैं इन्हें दुर्बल अम्ल भी कहा जाता है)

Example> Acetic acid,citric acid, lactic acid, tartric acid, oxalic acid (एसिटिक अम्ल, सिट्रिक अम्ल, लैक्टिक अम्ल, टार्टरिक अम्ल, ऑक्जेलिक अम्ल आदि)

2- खनिज अम्ल (Mineral acid) > Acid prepair by Earth minerals are called mineral acid. It is man made acid and also called strong acid (पृथ्वी के खनिजों से तैयार किए गए अम्ल खनिज अम्ल कहलाते हैं, यह मानव निर्मित होते हैं तथा इन्हें प्रबल अम्ल भी कहते हैं)

 Example > HCl, H₂SO₄, HNO₃ आदि।


 प्रबलता के अनुसार अम्ल दो प्रकार के होते हैं।

प्रबल अम्ल(Strong acid) > Acid which ionized completely in water and give large amount of hydrogen ion is called strong acid ( जो अम्ल जल में पूर्ण रूप से आयनित होते हैं एवं बड़ी संख्या में हाइड्रोजन आयन (H⁺) को उत्पन्न करते हैं प्रबल अम्ल कहलाते हैं ।

Example - HCl, H₂SO₄, HNO₃ आदि।

HCl₍ₐₚ₎  →H⁺₍ₐₚ₎ + Cl⁻₍ₐₚ₎


दुर्बल अम्ल(weak acid) >  Acid which ionized partially in water and produce less amount of hydrogen ion is called weak acid (जो अम्ल जल में आंशिक रूप से आयनित होते हैं एवं कम संख्या में हाइड्रोजन आयन(H⁺)  उत्पन्न करते हैं दुर्बल अम्ल कहलाते हैं)

Exapmle > एसिटिक अम्ल (CH₃COOH), कार्बनिक अम्ल(H₂CO₃) आदि 

अम्लो के गुणधर्म (Properties of acid)

** Sour in taste(स्वाद में खट्टे होते हैं)

** Convert Litmus paper blue to red colour(नीले लिटमस को लाल रंग में बदल देता है।)

** Acidic solution conduct electricity (अम्लीय विलयन विद्युत का चालन करते हैं)

क्षारक (Base)>  chemical substance which is better in test and opposite chemical of acid. which nutralise acid, it convert red litmus to blue colour (वे रासायनिक पदार्थ जिनका स्वाद कड़वा होता है। यह अम्ल के विपरीत रसायन होते हैं जो कि अम्ल को उदासीन कर सकते हैं। ये लाल लिटमस को नीले रंग में परिवर्तित कर देते हैं)

Example > सोडियम हाइड्रोक्साइड(NaOH), पोटैशियम हाइड्रोक्साइड(KOH),  कैल्शियम हाइड्रोक्साइड[Ca(OH)₂] अमोनियम हाइड्रोक्साइड (NH₄OH) आदि।

प्रबल क्षार(Strong base) > base which ionized completely in water and produce large amount of hydroxide ion is called strong base (जो क्षार जल में पूर्ण रूप से आयनित होकर बड़ी मात्रा में हाइड्रोक्साइड आयन(OH⁻)  उत्पन्न करते हैं प्रबल क्षार कहलाते हैं)

 Example > सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH), पोटैशियम हाइड्रोक्साइड (KOH) आदि।

दुर्बल क्षार(Weak base) > Base which ionized partially in water and produce less amount of hydroxide ion is called weak base (जो क्षार जल में आंशिक रूप से आयनित होकर कम मात्रा में हाइड्रोक्साइड आयन(OH⁻) उत्पन्न करते हैं । दुर्बल क्षार कहलाते हैं)

 Example > मैग्निशियम हाइड्रोक्साइड[Mg(OH)₂] कैल्शियम हाइड्रोक्साइड[Ca(OH)₂], अमोनियम हाइड्रोक्साइड (NH₄OH) आदि।

अम्ल एवं क्षार के रासायनिक गुणधर्म(Chemical properties of acid and base)> 

(1) Acid and base react with metal(अम्ल एवं क्षार की धातु से अभिक्रिया): -

> Acid react with metal to produce hydrogen gas(अम्ल धातुओं से क्रिया करके हाइड्रोजन गैस बनाते हैं(

धातु  +  अम्ल → लवण + हाइड्रोजन गैस

Zn + H₂SO₄  → ZnSO₄ + H₂


> Base react with metal to produce hydrogen gas(क्षार धातु से क्रिया करके हाइड्रोजन गैस बनाते हैं)

धातु + क्षार → लवण + हाइड्रोजन गैस

Zn + NaOH  → Na₂ZnO₂ + H₂

                   (सोडियम जिंकेट)

(2) Reaction of metal carbonate and metal hydrogen Carbone with acid(धातु कार्बोनेट तथा धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट की अम्ल के साथ अभिक्रिया) :-

>धातु कार्बोनेट + अम्ल → लवण +कार्बन डाइऑक्साइड+ जल

Na₂CO₃ + 2HCl  → 2NaCl + CO₂ + H₂O

> धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट +अम्ल → लवण +कार्बन डाइऑक्साइड+ जल

NaHCO₃ + HCl → NaCl + CO₂ + H₂O


  उत्पादित कार्बन डाइऑक्साइड गैस को चूने के पानी में प्रवाहित करने पर

Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ + H₂O


(3) Acid and base react with each other(अम्ल एवं क्षार की परस्पर अभिक्रिया): -  Acid and base react with each other and produce salt and water. This reaction is called neutralization reaction. (अम्ल तथा क्षार परस्पर अभिक्रिया करके लवण तथा जल बनाते हैं। यह अभिक्रिया उदासीनीकरण अभिक्रिया कहलाती है)

अम्ल + क्षार→ लवण + जल

HCl + NaOH  → NaCl +H₂O

   अभिक्रिया में अम्ल द्वारा क्षार का प्रभाव तथा क्षार द्वारा अम्ल का प्रभाव समाप्त हो जाता है।

 (4) Acid react with metallic oxide (अम्लों द्वारा  धात्विक ऑक्साइडओं की अभिक्रिया) :-

धातु ऑक्साइड + अम्ल →लवण + जल

CuO + 2HCl → CuCl₂+H₂O

 Metallic oxide react with acid and give salt and water. Metallic oxide also known as basic oxide (धात्विक ऑक्साइड जल के साथ अभिक्रिया करके लवण एवं जल प्रदान करते हैं, अतः धात्विक ऑक्साइड को  क्षारीय ऑक्साइड भी कहते हैं)

(5) Base react with non metallic oxide (क्षार के साथ अधात्विक ऑक्साइड की अभिक्रिया) :- Base react with non metallic oxide, give salt and water (क्षार अधात्विक ऑक्साइड के साथ क्रिया करके लवण एवं जल बनाते हैं)

अधातु ऑक्साइड + अम्ल →लवण + जल

CO₂ + Ca(OH)₂ → CaCO₃+ H₂O

  This reaction is same is acid base reaction or neutralization reaction. It means nonmetal oxide are acidic in nature ( यह अभिक्रिया अम्ल और क्षार के बीच होने वाली अभिक्रिया के समान है, जिससे यह निष्कर्ष निकलता है कि अधातु ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं)


Similarity in all acids and bases [सभी अम्लों एवं क्षारों में समानताएं (जलीय विलयन में)] : -

Acid(अम्ल) :- acid dissolve or ionized with water and produce hydrogen ion. Hydrogen presents in all acid which separate hydrogen ion by dissociation (अम्ल जल में विलय होने पर वियोजित होकर या आयनित होकर हाइड्रोजन आयन (H⁺)उत्पन्न करता है। सभी अम्लों में हाइड्रोजन होता है जो वियोजित होकर हाइड्रोजन आयन पृथक करता है)

Ex. HCl + H₂O → H₃O⁺  +  Cl⁻

      When hydrochloric acid mix with water hydrogen ion separate and make hydronium ion. Without water hydrogen ion does not separate (जब HCl को H₂O में मिलाते हैं, तो हाइड्रोजन आयन(H⁺)  पृथक  होकर हाइड्रोनियम आयन(H₃O⁺) बनाता है। बिना जल के हाइड्रोजन आयन पृथक नहीं हो पाता है)

> हाइड्रोजन आयन स्वतंत्र रूप में नहीं रह सकते, लेकिन यह जल के अणु के साथ मिलकर रह सकते हैं इसलिए हाइड्रोजन आयन को सदैव H⁺₍ₐₚ₎ या हाइड्रोनियम आयन (H₃O⁺) में दर्शाया जाता है।

H⁺ + H₂O →  H₃O⁺

क्षारक  > सभी क्षारक जल में विलय होकर हाइड्रोक्साइड आयन (OH⁻) उत्पन्न करते हैं।

Ex.  

(1) NaOH →जल→Na⁺  + OH⁻

(2) KOH →जल→K⁺  + OH⁻

> सभी क्षारक जल में घुलनशील नहीं होते हैं।

> जल में घुलनशील क्षारक को क्षार कहते हैं।

> क्षार का स्पर्श साबुन की तरह, स्वाद कड़वा तथा प्रकृति संक्षारक होती है।

> जल में अम्ल और क्षार के घुलने की प्रक्रिया अत्यंत ऊष्माक्षेपी होती है।

तनुकरण :- जल में अम्ल और क्षार मिलाने पर आयन की सांद्रता (H₃O⁺/ OH⁻) में प्रति इकाई आयतन में कमी हो जाती है इस प्रक्रिया को तनुकरण कहते हैं।

अम्ल एवं क्षार विलयनों की प्रबलता या सांद्रता :- अम्ल और क्षार की सांद्रता को pH मापक्रम पर मापा जाता है। pH मापक्राम  के मान 0 से 14 तक होते हैं।

pH स्केल :- किसी  विलयन में उपस्थित हाइड्रोजन आयन की सांद्रता ज्ञात करने के लिए जिसके लिए जिस स्केल का प्रयोग किया जाता है उसे pH स्केलकहते हैं। 



      ph 0 (सर्वाधिक अम्लीय) से 14 (सर्वाधिक क्षारीय ) तक ज्ञात कर सकते हैं।

> उदासीन पदार्थों का ph मान साथ होता है।

> यदि ph मान 7 से कम हो तो पदार्थं अम्लीय होगा

> यदि ph मान 7 से 14 के बीच हो तो पदार्थ क्षारीय होगा।

> ph जितना कम होगा विलयन उतना अधिक  अम्लीय होगा।

 >ph जितना अधिक होगा विलयन उतना अधिक क्षारीय होगा।

दैनिक जीवन में पीएच का महत्व :-

** हमारी पाचन तंत्र में।

**पीएच परिवर्तन के कारण दंत क्षय होता है।

**पौधे और जंतु पीएच परिवर्तन के प्रति संवेदनशील होते हैं।

** पशुओं एवं पौधों द्वारा उत्पन्न रसायनों से आत्मरक्षा।



 हमारे दांतो का इनेमल कैल्शियम फास्फेट का बना होता है।


कुछ प्राकृतिक अम्ल 

:- सिरका - एसिटिक अम्ल 

:- संतरा नींबू - सिट्रिक अम्ल 

:- इमली - टार्टरिक अम्ल

 :- टमाटर - ऑक्जेलिक अम्ल

:- खट्टा दूध , दही  - लैक्टिक अम्ल 

:- चींटी का डंक एवं मधुमक्खी का डंक -  मेथेनॉलिक अम्ल

       

             लवण ( Salt)

  लवण अम्ल क्षार अभिक्रिया के फलस्वरुप बना एक यौगिक है।

Ex. NaCl, CaCl₂, MgCl₂, ZnCl₂, ZnSO₄, KCl etc.

> प्रबल अम्ल एवं प्रबल क्षार के लवण का ph मान साथ होता है।

> प्रबल अम्ल एवं दुर्बल क्षार के लवण का ph मान 7 से कम होता है।

> प्रबल क्षार एवं दुर्बल अम्ल के लवण का ph 7 से अधिक होता है। 

लवण परिवार :- समान धन आयनों या समान ऋण आयनों वाले लवणों को, लवणों के एक ही परिवार से संबंधित कहा जाता है।

Ex. NaCl एवं Na₂ लवणों में Na⁺ होता है। अतः यह दोनों एक ही परिवार से हैं।

लवणों का pH

लवण विलयन      pH              प्रकृति

NaCl                 7              उदासीन

NH₄Cl               6              अम्लीय

Na₂CO₃             9              क्षारीय


साधारण नमक (Sodium chloride) NaCl

    यह सफेद पाउडर होता है जिस का रासायनिक नाम सोडियम क्लोराइड है।

    यह सोडियम हाइड्रोक्साइड की हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से अभिक्रिया द्वारा बनाया जाता है।

NaOH + HCl → NaCl + H₂O

उपयोग :- यह दैनिक जीवन में भोजन में उपयोग होने वाला महत्वपूर्ण लवण है साथ ही यहां बेकिंग सोडा, धावन सोडा, विरंजक चूर्ण आदि में कच्चे पदार्थ के रूप में कार्य करता है।

> साधारण नमक समुद्र जल एवं भूमिगत भंडारों से प्राप्त होता है।


कास्टिक सोडा (Sodium hydroxide) NaOH

      यह एक महत्वपूर्ण क्षारीय रसायन है, सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन से विद्युत प्रवाहित करने पर यह विक्षेपित होकर सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH) उत्पन्न करता है।

NaCl + 2H₂O → विद्युत अपघटन→2NaOH+ Cl₂+H₂

      क्लोरीन गैस एनोड पर उत्पन्न होती है और हाइड्रोजन गैस कैथोड पर उत्पन्न होती है। सोडियम हाइड्रोक्साइड विलयन कैथोड के निकट बनता है।

उपयोग :- साबुन एवं अपमर्जको को बनाने में।


धावन सोडा (Sodium carbonate) Na₂CO₃.10H₂O

    इसे धोने का सोडा भी कहा जाता है यह सोडियम क्लोराइड से प्राप्त किया जाता है। बेकिंग सोडा को गर्म करके सोडियम कार्बोनेट प्राप्त किया जाता है, जिसे पुन: क्रिस्टलीकरण से धावन सोडा प्राप्त किया जाता है।

Na₂CO₃ + 10H₂O → Na₂CO₃.10H₂O

उपयोग :- 

1. घरों में साफ-सफाई करने में

2. जल की स्थाई कठोरता दूर करने में

3. कांच, साबुन एवं कागज उद्योगों में

4. बोरेक्स तथा सोडियम यौगिक के उत्पादन में

 

बेकिंग सोडा या खाने का सोडा (Sodium bi carbonate या Sodium hydrogen carbonate) NaHCO₃

   इसका रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट या सोडियम बाइकार्बोनेट है। इसका निर्माण सोडियम क्लोराइड के ठंडे और सांद्र विलयन की अमोनिया तथा कार्बन डाइऑक्साइड के साथ अभिक्रिया से होता है।

NaCl + H₂O + CO₂+NH₃ → NH₄Cl   + NaHCO₃

उपयोग :-

1. आमाशय की अम्लता दूर करने में

2. औषधि में एंटासिड के रूप में

3. केक ब्रेड आदि बनाने में

4. अग्निशामकों में


विरंजन चूर्ण या ब्लीचिंग पाउडर (Bleaching powder) CaOCl₂

    किसे चुने का क्लोराइड किया कैल्शियम ऑक्सिक्लोराइड कहते हैं। 

   इसका निर्माण शुष्क बूझा चूना पर क्लोरीन की क्रिया से होता है।

Ca(OH)₂ + Cl₂→ CaOCl₂ + H₂O


उपयोग

1. रासायनिक उद्योगों में उपचार के रूप में

2. पीने वाले जल को रोगाणुओं या जीवाणुओं से मुक्त करने के लिए रोगाणु नाशक के रूप में

3. वस्त्र उद्योग में


प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄. 1/2 H₂O )

     किस का रासायनिक सूत्र CaSO₄. 1/2 H₂O  है। जिप्सम को 373 केल्विन पर गर्म करने से यह जल के अणुओं को त्याग कर प्लास्टर ऑफ पेरिस बनाता है।

CaSO₄.2H₂O → CaSO₄. 1/2 H₂O + 1,1/2H₂O

   (जिप्सम)           (प्लास्टर ऑफ पेरिस)


** प्लास्टर ऑफ पेरिस एक सफेद चूर्ण होता है जो जल में मिलाने पर पुनः जिप्सम बनकर ठोस पदार्थ बनाता है।

CaSO₄. 1/2 H₂O + 1,1/2H₂O→CaSO₄.2H₂O 

उपयोग

1. टूटी हुई हड्डियों को सही जगह पर स्थिर रखने में

2. खिलौने, सजावटी वस्तुएं, सस्ते आभूषण आदि बनाने में

3. अग्नि सह पदार्थ के रूप में























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